यूपी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना २०२० | Samuhik Vivah Yojana

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उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने गरीब एवं पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए कई प्रकार की योजनाएं शुरू की हैं। योगी सरकार द्वारा हर वर्ग जिसमें की महिलाएं, बच्चे, युवा, वृद्धजन सबके लिए कई प्रकार की लोकप्रिय योजनाएं सरकार द्वारा शुरू की गई हैं। इनी योजनाओं में से आज हम आपको यूपी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना 2020 की जानकारी इस पोस्ट में देने जा रही हैं। इस योजना को हम उत्तर प्रदेश सरकार विवाह हेतु शादी अनुदान योजना के नाम से भी जानते हैं। इसके अलावा इस योजना को नहीं योगी सरकार द्वारा नाम बदलने के बाद मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना एवं पुत्री विवाह योजना के नाम से भी जाना जाता है। इस पोस्ट में हम आपको इस योजना से जुड़ी पूरी जानकारी पात्रता, नियम, शर्त एवं जरूरी दस्तावेज की आवश्यकता होती है की जानकारी प्रदान करेंगे।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना

उत्तर प्रदेश के वासियों, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य गरीबी रेखा के नीचे निर्वाह करने वाले लोगों को शादी के खर्चे से बचाना है। इसके अलावा इस योजना का दूसरा सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे बाल विवाह की प्रथा पर भी रोक लगेगी। योगी सरकार ने कन्याओं के बाल विवाह को रोकने एवं उनकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इस प्रकार की योजनाओं को शुरू किया है। इसके अलावा ऐसे परिवार जो कि आर्थिक रूप से कमजोर हैं, और अपने बेटी या बेटे की शादी नहीं कर सकते उनके लिए यह योजना बहुत ही उपयोगी है। जैसे कि आप सभी जानते हैं आज के समय में शादी करना बहुत ही खर्चे का काम है।

योजना का पूरा नाम मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना
राज्य उत्तर प्रदेश
योजना का पुराना नाम विवाह हेतु शादी अनुदान योजना
पहली बार शुरू की गई सन 2015 में समाजवादी सरकार द्वारा
योजना का नाम बदलाव 2017 में योगी सरकार द्वारा
योजना का विभाग उत्तर प्रदेश समाज में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग
श्रेणी 18 वर्ष से ऊपर की कन्याएं
योजना के अंतर्गत मिलने वाली सहायता राशि51000 रुपए
योजना का टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 18001805131

अगर आज के समय में आप अपने बेटे अथवा बेटी की शादी करना चाहते हैं तो इसका खर्चा लाखों में होता है। हर परिवार इतना खर्चा करने के लिए सक्षम नहीं है। इसलिए वह मुख्यमंत्री योगी द्वारा शुरू की गई सामूहिक विवाह योजना उत्तर प्रदेश के अंतर्गत पंजीकरण करके इसका लाभ ले सकता है। इसके अलावा सरकार द्वारा मिलने वाली आर्थिक सहायता राशि से वह अपने परिवार के लिए इस राशि को उपयोग कर सकता है। इस योजना के दो मुख्य लाभ हम आपको ऊपर बता चुके हैं इसका तीसरा सबसे बड़ा लाभ यह है कि इससे कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा ऊपर भी रोक लगेगी। ऐसे लोग जो कन्याओं को पैदा होते ही मार देना चाहते हैं, यह वह उनका खर्चा नहीं उठा सकते अथवा उनकी शादी के खर्चे से डरते हैं इस योजना से उन लोगों की सोच में बदलाव होगा।

शादी अनुदान योजना के मुख्य लाभ

दोस्तों जैसे कि आपको पता है इस योजना को पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव द्वारा 2015 में शुरू किया गया था। इस योजना को उस समय शादी अनुदान योजना के नाम से जाना जाता था। इस योजना के अंतर्गत उस समय गरीब एवं पिछड़े वर्ग की कन्याओं की शादी के लिए सरकार द्वारा 20000 रुपए की राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में दी जाती थी। इसके अलावा किसी बीमारी के लिए महिलाओं को 10000 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती थी।

उत्तर प्रदेश दिव्यांगजन शादी विवाह प्रोत्साहन योजना

बाद में 2017 में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद इस योजना को बंद कर दिया गया। इसके स्थान पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को शुरू किया गया। तो इस तरह हम कह सकते हैं कि यूपी विवाह अनुदान योजना को बदलकर अब सामूहिक विवाह योजना इसका नया नाम कर दिया गया है। हालांकि नई योजना में कुछ बदलाव किए गए हैं जिसकी जानकारी आप हमारी इस पोस्ट में प्राप्त करेंगे।

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लाभ

इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें आर्थिक सहायता राशि को बढ़ा दिया गया है। पहले यह वित्तीय राशि ₹15000 थी जिसे बढ़ाकर ₹35000 कर दिया गया है। जिसमें की मुख्य रूप से ₹20000 कैश एवं ₹15000 शादी के कार्यक्रम को पूरा करने के लिए सरकार द्वारा दिए जाते थे। 2019 में गणतंत्र दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री द्वारा इस वित्तीय राशि को फिर से बढ़ाकर ₹51000 कर दिया गया है। जिससे कि जितने भी परिवार इस योजना के अंतर्गत लाभान्वित होंगे उन्हें यह राशि आसानी से मिल सके।

यूपी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना

आर्थिक सहायता:- इस योजना में जो भी आर्थिक सहायता राशि सरकार द्वारा तय की गई है वह डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में दी जाती है। यह धनराशि सीधा कन्या के बैंक खाते में जाती है जिससे कि वह अपनी शादी में उपयोग कर सकती है।

सामूहिक विवाह में जोड़ों की संख्या:- इस योजना के अंतर्गत हिंदू एवं मुस्लिम या अन्य किसी धर्म के लोग इस सामूहिक विवाह योजना में अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इस योजना में अगर सरकार के पास रजिस्ट्रेशन के समय 10 आवेदन या इससे अधिक एक समय में आते हैं तो सरकार द्वारा सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाएगा। कम से कम 10 आवेदन आने की स्थिति में ही सरकार द्वारा विवाह सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।

विवाह के आंकड़े:- सरकार द्वारा अभी तक इस योजना के अंतर्गत लगभग 32000 जोड़ों का विवाह मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना उत्तर प्रदेश के अंतर्गत किया गया है। यह आंकड़े 2019 तक के हैं।

सामूहिक विवाह पात्रता एवं जरूरी दस्तावेज

आवेदनकर्ता की आयु:- भारत में शादी करने के लिए, भारत के संविधान में आयु निर्धारित की गई है। जिसमें कि लड़की की आयु 18 वर्ष या इससे अधिक और लड़के की आयु 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। इसलिए जितने भी आवेदन करता इस योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते हैं उन्हें यह आयु की पात्रता को पूरा करना आवश्यक होगा। इसलिए आवेदन के समय उनके पास अपना जन्म प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।

स्थाई निवास प्रमाण पत्र:- यह योजना केवल उत्तर प्रदेश के स्थाई निवासियों के लिए ही उपलब्ध है। इसलिए अगर आप उत्तर प्रदेश के स्थाई निवासी हैं तभी आप इस योजना का लाभ ले सकते हैं। इसके लिए आपके पास आपका स्थाई / मूल निवास प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।

कन्या सुमंगला योजना

आय प्रमाण पत्र:- एक निश्चित आय के लोग ही इस योजना का लाभ ले सकते हैं। सरकार का यह लक्ष्य है कि यह योजना हर गरीब एवं पिछड़े वर्ग के लोगों तक पहुंचे तथा अधिक से अधिक गरीब लोग इस योजना का लाभ ले। जिसके लिए सरकार ने अलग से आय का एक नियम बनाया है। आय के लिए सरकार द्वारा गांव में रहने वाले व्यक्ति की आय 47000 या इससे कम होनी चाहिए। इसके अलावा शहर में रहने वाले व्यक्ति की आयु 56500 या इससे कम होनी चाहिए। इसके लिए आवेदन कर्ता को अपने साथ आय प्रमाण पत्र लाना आवश्यक है।

पुनर्विवाह करने का प्रावधान:- इस योजना में अगर आप पुनर्विवाह करना चाहते हैं उसका भी प्रावधान सरकार द्वारा रखा गया है। अगर कोई तलाकशुदा है या महिला विधवा है और वह पुनर्विवाह करना चाहती है तो इस योजना के अंतर्गत वह आवेदन कर सकती हैं।

लाभ अधिकतम 2 लड़कियों तक:- इस योजना के अंतर्गत एक परिवार की 2 कन्याओं तक इस योजना का लाभ कोई भी लाभार्थी ले सकता है। परिवार की तीसरी कन्या के लिए यह योजना लागू नहीं होगी।

जाति या धर्म:- इस योजना के अंतर्गत किसी भी जाति चाहे वे अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक अथवा सामान्य वर्ग से है इस योजना का लाभ ले सकता है। अगर वह सरकार द्वारा तय किए गए सभी नियमों पर खरे उतरते हैं तो जाति या धर्म का कोई भी पाबंदी इस योजना में नहीं है।

उत्तर प्रदेश सामूहिक विवाह योजना जरूरी दस्तावेज

इस योजना के अंतर्गत हम पहले ही आपको ऊपर सभी जितने भी जरूरी दस्तावेज हैं उनकी जानकारी दे चुके हैं। इसके अलावा जो आवश्यक दस्तावेज होंगे, उनकी जानकारी भी हम आपको इस श्रेणी में देंगे।

  • आपके पास पहचान के रूप में आधार कार्ड होना आवश्यक है।
  • जन्म प्रमाण पत्र ना होने की स्थिति में मनरेगा कार्य वोटर आईडी कार्ड मान्य होगा।
  • बैंक खाते / पासबुक की फोटो कॉपी।
  • परिवार कार्ड।

किशोरी बालिका योजना

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना रजिस्ट्रेशन / एप्लीकेशन फॉर्म

अगर आप सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो यह प्रक्रिया ऑनलाइन है। इसके अलावा अगर आप कन्यादान सामूहिक विवाह योजना के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो यह विधि ऑफलाइन आपको पूरी करनी पड़ेगी।

  1. जो भी लोग उत्तर प्रदेश के किसी भी जिले से संबंध रखते हैं और शहर में निवास करते हैं वह अपने नजदीकी शहर प्रबंधक ऑफिस (नगर पालिका या नगर निगम) मैं जाकर इस योजना के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
  2. अगर आप ग्रामीण क्षेत्र से संबंध रखते हैं तो आप अपने ग्राम पंचायत/ ब्लॉक ऑफिस या जिला प्रबंधक ऑफिस के पास जाकर इसकी जानकारी ले सकते हैं। हम आपको बताते चले कि सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के लिए सभी अधिकारियों को लिखित में इसकी जानकारी दे दी गई है।
  3. सरकारी दफ्तर में जाने के बाद आपको यहां से आवेदन फार्म (Application Form) मिलेगा।
  4. इस आवेदन फार्म में आपको आपकी उसी गई जानकारी देनी है तथा जरूरी दस्तावेज साथ में संलग्न करने हैं।
  5. उसके बाद इस आवेदन फार्म को वही जमा करवा दें जहां से आपने इसे प्राप्त किया है।
  6. आपका आवेदन फार्म जमा होने के बाद ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिस में इन आवेदनों को अच्छे से जांचा परखा जाएगा। इसके अलावा शहरी क्षेत्र में दिए गए आवेदनों को एसपी ऑफिस में जांच की जाएगी। सभी दस्तावेज सही पाने पर एवं जानकारी सही होने पर आपका नाम चयनित लिस्ट में डाला जाएगा।

उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाएं

इस योजना मैंलोग गलत जानकारी देकर सरकार द्वारा चलाई गई इस योजना का दुरुपयोग कर रहे हैं। इसीलिए सरकार द्वारा अब आवेदन फार्म के सत्यापन की प्रक्रिया को शुरू किया गया है।। इसका सबसे बड़ा लाभ यह है कि इस योजना का लाभ सही व्यक्तियों तक पहुंच पाएगा, जिनको सही में इस योजना की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत सरकार द्वारा 2019 के लिए लगभग 2 करोड़ रुपए का बजट जारी किया गया था। सरकार की यही कोशिश है कि आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ लें तथा सरकार द्वारा शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े। भविष्य में आने वाली उत्तर प्रदेश सरकार की अन्य योजनाओं के लिए हमारी वेबसाइट राज्य योजना से जुड़े।