PM Mask Yojana Free Mask Distribution

PM Mask Yojana Free Mask Distribution | प्रधानमंत्री फ्री मास्क योजना | Details | प्रधानमंत्री मोदी मुफ्त मास्क वितरण योजना एक फेक न्यूज़ है.

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि सरकार ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत सबको फ्री में मास्क (Pradhanmantri Free Mask Scheme) बांट रही है। वायरल पोस्ट के साथ एक लिंक शेयर की गई है और लिंक के जरिए रजिस्ट्रेशन करने की बात कही गई है। हमारी पड़ताल में वायरल दावा झूठा निकला।

PM Mask Yojana 

Amid the rising fear of coronavirus, a message claiming that Prime Minister Narendra Modi is distributing free masks under the PM Mask Yojana is doing the rounds. The message comes along with a web page link which directs the users to a registration form to enter their details and get free masks until 15 March.

However, this website is fake. There are multiple red flags that a user should be mindful of while navigating through such websites. Let’s look at each of these one by one.

कोरोना वायरस क्या है?

कोरोना को मुख्य रूप से 1960  में मनुष्यों में पाया गया था। कोरोना वायरस सामान्य हैं और यह संक्रमण अक्सर उन रोगियों में हानिकारक होता है जो केवल बुखार, खांसी और सांस की तकलीफ जैसे फ्लू के लक्षण विकसित करते हैं। इसमें रोगी को दस्त की समस्या भी हो सकती है । एक कोरोना वायरस की समय अवधि कुछ दिनों से लेकर दो सप्ताह तक भिन्न हो सकती है।

PM Mask Yojana


हाल ही में चीन ने पुष्टि की है कि नया कोरोना वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में जा सकता हैं जो एक प्रकार के निमोनिया का कारण बनता है। चीन में पहले से मौजूद रहस्यमय वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या आधिकारिक आंकड़ों से बहुत अधिक है।
कोरोना वायरस में पहले से ही 400 से अधिक मामलों की पुष्टी हो चुकी हैं लेकिन, विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह आंकड़ा 2 हजार से अधिक हो सकता है। ज्ञात हो कि मध्य चीन के वुहान शहर में दिसंबर में तीन लोगों की सांस की बीमारी से मौत हो गई थी ।

कोरोना वायरस कैसे फैलता है ?

  1. ज़ूनोटिक वायरस को जानवरों और मनुष्यों के बीच सीधे संपर्क के माध्यम से प्रसारित किया जा सकता है। लेकिन, संक्रमण के कई अन्य रूप हैं, भोजन या तथाकथित वैक्टर के माध्यम से, एक मच्छर या कोई अन्य कीट एक रोगज़नक़ को दूसरे जीव को बीमार किए बिना ले जा सकता है.
  2. इसके अलावा, ज़ूनोसिस भोजन के माध्यम से, मांस या पशु उत्पादों को खाने से भी प्रसारित किया जा सकता है। यदि वे पर्याप्त गर्म नहीं होते हैं या यदि उन्हें अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार किया गया है, तो वे संक्रमण का स्रोत भी हो सकता हैं
  3. SARS, और MERS के मुख्य मामलों की तुलना में, कोरोना वायरस का वर्तमान प्रकोप छोटा है, लेकिन विशेषज्ञों ने कहा है कि इसे कम करके नहीं आंका जाना चाहिए।
  4. इसलिए, चीन जनवरी के अंत में चीनी चंद्र नव वर्ष के जश्न के बारे में सावधानी बरत रहा है। छुट्टियां मनाने के लिए लाखों लोग बसों, ट्रेनों और हवाई जहाज से यात्रा करते हैं।
  5. अधिकारी अवकाश अवधि के दौरान निमोनिया के प्रकोप को रोकने के प्रयासों को आगे बढ़ाएंगे, जिसमें हवाई अड्डे और ट्रेन स्टेशनों जैसे प्रमुख सार्वजनिक परिवहन केंद्रों में पर्याप्त कीटाणु शोधन सुनिश्चित करना शामिल है।

वॉट्सऐप पर वायरल मैसेज में लिखा है कि, ‘कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप से हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वच्छ भारत के अंतर्गत सभी भारतीयों को कोरोनावायरस मुक्त मास्क (PM Mask Yojana) देने का फैसला किया है। आप भी नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके अपना फ्री मास्क ऑर्डर करके पहनिए और स्वच्छ भारत का हिस्सा बनिए। इस मैसेज के साथ में इस लिंक को भी शेयर किया जा रहा है। 

प्रधानमंत्री फ्री मास्क योजना की क्या है सच्चाई

दावे की पड़ताल के लिए हमने स्वच्छ भारत अभियान की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट किया। यहां ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली, जो सोशल मीडिया के दावे की पुष्टि करती हो। 

इसके बाद हमने वायरल लिंक की ही पड़ताल की। वायरल लिंक को क्लिक करने पर एक नया होम पेज ओपन हुआ। जिसमें पीएम मोदी की फोटो भी लगी हुई है। इसमें नाम, फोन नंबर, पिन कोड, एड्रेस आदि जानकारी मांगी जा रही है। दावे की पुष्टि के लिए हमने इसमें मांगी गई जानकारी को फिल किया। 

जिसके बाद नया पेज ओपन हुआ। इसे भरने के बाद हम ‘सब्मिट नाओ’ पर पहुंच गए। यहां जानकारी देते ही ड्रीम इलेवन का पेज ओपन हो गया। यह एक खेल का विज्ञापन है। पूरी पड़ताल के दौरान हमें कहीं भी मास्क PM Mask Yojana को लेकर कोई डिटेल नहीं मिली। पड़ताल से स्पष्ट होता है कि, कोरोनावायरस के नाम से लोगों की निजी जानकारी हासिल करने का काम किया जा रहा है। सरकार की तरफ से ऐसी कोई PM Mask Yojana 2020 संचालित नहीं की जा रही।