पंच परमेश्वर योजना मध्यप्रदेश 2020|गाइडलाइन्स इन हिंदी जानकारी

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राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में विकास गतिविधियों के संचालन के लिये दी जाने वाली पंच परमेश्वर योजना की राशि के उपयोग के लिये नवीन दिशा-निर्देश जारी कर दिए गये हैं। अब इस योजना मद से कम से कम 75 प्रतिशत राशि का उपयोग ग्राम में अधोसंरचना विकास पर तथा 10 प्रतिशत राशि पेयजल व्यवस्था पर खर्च करना अनिवार्य होगा।

पंच परमेश्वर योजना मध्यप्रदेश

गांवों के विकास की विभिन्न जिम्मेदारियों को ग्राम पंचायतें और बेहतर तरीके से निभा सकें इस मकसद से पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मध्यप्रदेश पंच परमेश्वर योजना शुरू की जा रही है. इस योजना से राज्यों को 23010 पंचायतों को विभिन्न मदों में मिलने वाली राशि एक रूप से मिल सकेगी. साथ ही वित्तीय साधनों की सहज उपलब्धता से ग्राम पंचायतों के कार्य और अधिक सहजता और आसानी से हो सकेंगे. यह बहुउद्देश्यीय योजना गांवों में अधोसंरचना के निर्माण के साथ-साथ त्रिस्तरीय पंचायत-राज व्यवस्था को और मजबूत बनाने में मददगार होगी. योजना का शुभारंभ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 10 जनवरी को भोपाल में करेंगे. यह कार्यक्रम पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा सामाजिक न्याय मंत्री गोपाल भार्गव की अध्यक्षता में संपन्न होगा.

पंच परमेश्वर योजना मध्यप्रदेश

गौरतलब है कि नए निर्देशों के अनुसार अब ग्राम पंचायतों को प्राप्त कुल राशि का 50 प्रतिशत नवीन अधोसंरचना कार्यों जैसे सीमेंट-कांक्रीट रोड और नाली निर्माण पर तथा 25 प्रतिशत तक राशि रपटा-पुलिया निर्माण, बाउण्ड्री-वॉल निर्माण (पंचायत भवन, कब्रिस्तान, श्मशान घाट, आँगनवाड़ी केन्द्र, विद्यालय), कांजी हाउस, पुस्तकालय भवन निर्माण, यात्री प्रतीक्षालय, ग्राम चौपाल बाजार चबूतरे, सामुदायिक शौचालय, एलईडी लाइट, सार्वजनिक पार्क निर्माण, नि:शक्तजनों के लिए बाधारहित वातावरण निर्माण पर व्यय की जाएगी।

panch parmeshwar yojana ki jankari

सहायक यंत्री जनपद पंचायत हटा द्वारा पंच परमेश्वर योजना मद से जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायतों में कराये गये कार्यो के सत्यापन उपरांत प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर सीईओ जिला पंचायत डॉ. गिरीश मिश्रा ने 29 ग्राम पंचायतें यथा कुवरपुर, सकौर, हरदुआ सडक, मडियादो, पाली, डोली, हरदुआ उमराओ, कचनारी, खरगोर, दादपुर, चैरईया, बिनती, बर्धा, हिनौताकला, सनकुईया, शिवपुर, देवराजामसा, घोघरा, मुहरई, रमपुरा, पाठा, बछामा, काईखेडा, पिपरिया किरउ, मुराछ, देवरी फतेहपुर, रमपुरा एंव रजपुरा को नोटिस जारी किये जाकर अपूर्ण कार्यो को पूर्ण कराने हेतु समय-सीमा निर्धारित की गई है।

ग्राम पंचायत-कुवरपुर द्वारा दो कार्य की राशि 8 लाख 29 हजार 634 रूपये के कार्य पूर्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किये गये। ग्राम पंचायत घोघरा के तत्कालीन सचिव के अनुपस्थित होने पर उनके विरूद्ध गिफ्तारी वांरट जारी किया गया।  ग्राम पंचायत सकौर, हरदुआ सडक, मडियादो, बरखेराचैन, पाली, डोली के सरंपच सचिव अनुपस्थित रहने पर गैर जमानती वांरट जारी किये गये। ग्राम पंचायत मुहरई के पूर्व संरपच एंव सचिव को नोटिस जारी किया गया 20 ग्राम पंचायतों को 8 दिवस में कार्यों को पूर्ण कराये जाकर कार्यपूर्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत किये जाने हेतु अंतिम अवसर विहित प्राधिकारी एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दमोह द्वारा दिया गया है।

पंच परमेश्वर योजना के दिशा निर्देश

नई व्यवस्था के अनुसार इस राशि से आकस्मिक परिस्थिति में 10 हजार रुपये तक अग्रिम आहरण किया जा सकेगा। कराये गये कार्य, पंचायत दर्पण पोर्टल पर अपलोड करना आवश्यक होगा। कार्यों की गुणवत्ता का नियंत्रण ग्रामीण यांत्रिक सेवा के अमले द्वारा किया जायेगा।

इसी प्रकार एक वित्त वर्ष में अधिकतम 10 प्रतिशत राशि पेयजल व्यवस्था पर, 7.5 प्रतिशत राशि स्थाई सम्पत्तियों के संधारण और साफ-सफाई कार्य पर तथा शेष 7.5 प्रतिशत राशि ग्राम पंचायतें कार्यालयीन और प्रशासनिक व्यय के लिये उपयोग कर सकेंगी।

इस आदेश में जो कार्य इस राशि से नहीं कराये जा सकते हैं, उन्हें भी स्पष्ट किया गया है। ऐसे कार्यों में हैण्ड-पम्प खनन एवं संधारण, मोटर पम्प क्रय, पेयजल परिवहन, मुरमीकरण, स्टॉप अथवा चेक-डेम निर्माण, स्वागत द्वार, प्रतिमा स्थापना, सौर ऊर्जा लाइट क्रय, एयर-कंडीशनर, मोबाइल, टैंकर क्रय तथा विज्ञापन आदि शामिल हैं।

पंच परमेश्वर योजना क्या है?

पंच परमेश्वर योजना के तहत ग्राम पंचायतों को वित्तीय वर्ष में जनसंख्या के मान से एकजाई राशि मिलेगी। योजना में दो हजार तक की जनसंख्या वाली ग्राम पंचायत को 5 लाख तक, दो हजार एक से पाँच हजार तक की जनसंख्या वाली ग्राम पंचायत को 8 लाख तक, पाँच हजार एक से दस हजार तक की जनसंख्या वाली ग्राम पंचायत को 10 लाख तक और दस हजार एक से अधिक की जनसंख्या वाली ग्राम पंचायत को 15 लाख तक की एकजाई राशि प्रदान की जाएगी।

अब तक पंचायतों को विभिन्न योजनाओं में मिलने वाली राशि टुकड़ों में मिलती थी इस वजह से गाँवों के विकास के काम भी टुकड़ों में होते थे। पंच परमेश्वर योजना से इस खामी को दूर करने में मदद मिलेगी और एकजाई राशि मिलने से विकास के काम तेज गति से पूरे होंगें। फिलहाल पंचायत राज द्वारा संचालित विभिन्न मदों जिनमें तेरहवाँ वित्त आयोग,राज्य वित्त का मूलभूत अनुदान, खनिज तथा स्टॉम्प ड्यूटी से मिलने वाली राशि ग्राम पंचायतों को अलग-अलग मदों में मिलती है और वे इनका एक साथ उपयोग नहीं कर पा रही हैं।

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नई योजना के जरिये अब प्रत्येक पंचायत को तेरहवें वित्त आयोग और तीसरे राज्य वित्त आयोग के अनुसार राशि मिलेगी। जिन पंचायतों को पंच परमेश्वर योजना में इन दोनों योजनाओं में कम राशि मिलेगी उनमें इस कमी को अब स्टॉम्प ड्यूटी और खनिज से मिलने वाली राशि से पूरा किया जायेगा। इसी तरह जिन पंचायतों को अब तक ज्यादा राशि मिल रही है वे योजना में मिलने वाली राशि का उपयोग करने के बाद अतिरिक्त राशि ले सकेंगी।

ग्राम पंचायतों को अब जनसंख्या के मान से पहले दो वर्ष के लिए अतिरिक्त एकीकृत कार्य योजना बनाने का सुझाव भी दिया गया है। कार्य योजना में गाँवों में नाली सहित आंतरिक रोड और जिन गाँवों में पहले से आँगनवाड़ी भवनों की मंजूरी मिल चुकी है वहाँ भवनों का निर्माण होगा। ग्राम पंचायतों के पुराने भवनों में ई-पंचायत व्यवस्था के लिए निर्धारित नक्शों के अनुसार 200 वर्गफीट आकार के ई-पंचायत कक्ष का निर्माण होगा। ग्राम पंचायत दस फीसदी राशि परिसम्पत्तियों के रख-रखाव और सफाई कार्यों पर खर्च कर सकेगीं।

पंच परमेश्वर योजना गाइडलाइन्स इन हिंदी (guidelines)

राज्य सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों में विकासात्मक गतिविधियों के लिए दी गई पंच परमेस्वर योजना के धन के ustilisation के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। अब कम से कम 75 फीसदी राशि इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर और 10 फीसदी पेयजल व्यवस्था पर खर्च की जाएगी।

अतिरिक्त मुख्य सचिव पंचायत और ग्रामीण विकास इकबाल सिंह बैस द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 14 वें वित्त मूल अनुदान, 14 वें वित्त प्रदर्शन अनुदान और राज्य वित्त आयोग की अनुदान राशि ग्राम पंचायतों में विकास गतिविधियों के लिए पंच परमेस्वर योजना का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस प्रमुख के तहत किए गए कार्यों में स्पष्टता लाने के लिए राशि के उपयोग का वितरण प्रतिशत के आधार पर तय किया गया है।

नए दिशानिर्देशों के अनुसार, अब ग्राम पंचायतों द्वारा प्राप्त कुल राशि का 50 प्रतिशत सीमेंट-कंक्रीट सड़क और नालियों के निर्माण जैसे नए बुनियादी ढांचे के कार्यों पर खर्च किया जाएगा, और 25 प्रतिशत राशि पुल के निर्माण पर खर्च की जाएगी, पंचायत भवन, कब्रिस्तान, श्मशान घाट, आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूलों और वधशाला, पुस्तकालय भवन का निर्माण, यात्री विश्राम गृह, ग्राम चौपाल बाजार, मंच, सामुदायिक शौचालय, एलईडी लाइट, सार्वजनिक पार्क, विकलांगों के लिए निर्जन वातावरण आदि की चारदीवारी।

मध्य प्रदेश राज्य की योजनाएं

इसी तरह एक वित्तीय वर्ष में, अधिकतम 10 प्रतिशत राशि पीने के पानी की व्यवस्था पर खर्च की जाएगी, अचल संपत्तियों के संग्रह पर 7.5 प्रतिशत और स्वच्छता और कार्यालय और प्रशासनिक खर्चों पर 7.5 प्रतिशत की शेष राशि होगी।

इस क्रम में जो कार्य इस राशि से नहीं किए जा सकते, उन्हें भी स्पष्ट किया गया है। इन कार्यों में हैंड पंप खुदाई और संग्रह, मोटर पंप खरीद, पेयजल परिवहन, डामर, स्टॉप डेम और चेक डेम का निर्माण, मूर्तियों का स्वागत, सौर ऊर्जा लाइट खरीद, एयर कंडीशनर, मोबाइल, टैंकर खरीद, विज्ञापन आदि शामिल हैं। ।

इस राशि के साथ नई व्यवस्था के अनुसार आपात स्थिति में 10 हजार रुपये की अग्रिम राशि निकाली जा सकती है। पंचायत के डारपेन पोर्टल पर किए गए कार्य को अपलोड करना अनिवार्य होगा। ग्रामीण इंजीनियरिंग सेवा दल कार्यों की गुणवत्ता को नियंत्रित करेगा।

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