आवास विकास लखनऊ नई स्कीम 2020 आवेदन फॉर्म|नोटिफिकेशन

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उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद प्रधानमंत्री आवास योजना -: उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद / Uttar Pradesh Avas Vikas Parishad – UPAVP या उत्तर प्रदेश हाउसिंग एन्ड डेवलपमेंट बोर्ड / Uttar Pradesh Housing & Development Board – UPHDB ने प्रधानमंत्री आवास योजना / Pradhan Mantri Awas Yojana – PMAY के तहत योजना शुरू की। योजना का मकसद गरीब लोगों को आश्रय प्रदान करना है। चूंकि सरकार राज्य के लोगों के कल्याण के लिए लगातार काम करती है। उम्मीदवार जो उत्तर प्रदेश राज्य के निवासी हैं वे उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद की प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवास विकास लखनऊ नई स्कीम

UPAVP यानी उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद / Uttar Pradesh Avas Vikas Parishad या उत्तर प्रदेश हाउसिंग एन्ड डेवलपमेंट बोर्ड / Uttar Pradesh Housing & Development Board – UPHDB उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गया एक विभाग है। विभाग सुनिश्चित करेगा कि योजना के अंतर्गत मकान किफायती बनाए जाएं। गरीब परिवार से सम्बंधित लोगों पर विशेष ध्यान दिया जाये। कमजोर वर्ग, निम्न और मध्यम आय वर्ग के लोगों के लिए किफायती दामों पर मकान उपलब्ध कराये जाएँ।

लखनऊ में अपने घर का सपना देखने वालों के लिए आवास विकास परिषद सस्ते फ्लैट की योजना लाया है। 400 वर्ग फीट के एक फ्लैट की कीमत 13.60 लाख रुपये है। इसमें लॉटरी भी नहीं होगी और ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर 150 फ्लैट आवंटित किए जाएंगे। सुल्तानपुर रोड पर शहीद पथ से लगी अवध विहार योजना में सरयू एक्लेव योजना लॉन्च की गई है। इसके लिए परिषद ने आवंटन भी खोल दिया है। जो आवंटी दो माह में पूरा पैसा जमा कर देंगे, उन्हें दो प्रतिशत की छूट का लाभ भी दिया जाएगा। इसके अलावा जो बल्क (एक साथ दस से अधिक) में फ्लैट लेंगे, उन्हें 45 दिन में पैसा जमा करने पर पांच प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

आवास विकास लखनऊ नई स्कीम

आरके सिंह का कहना है कि सरयू एन्क्लेव के फ्लैटों में फिनिशिंग का काम चल रहा है। जो इस समय फ्लैट खरीदेंगे, उन्हें दीपावली पर कब्जा भी मिल जाएगा। परिषद ने तय किया है कि अक्टूबर तक सभी फ्लैटों में कब्जा जरूर मिल जाए। 

Uttar Pradesh Avas Vikas Parishad – UPAVP under Pradhan Mantri Awas Yojana

Uttar Pradesh Avas Vikas Parishad के उद्देश्य हमने विस्तार पूर्वक नीचे प्रदान किये हैं। यदि आप आवास योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं तो आप इसके अंतर्गत निम्नलिखित लाभ प्राप्त कर सकेंगे:

  1. घरों को उन लोगों के लिए सस्ती कीमत बनाया जाता है जो गरीब तबके के हैं।
  2. घरों में लोगों के लिए सुविधाएं प्रदान करने के लिए जैसे सामुदायिक सेवाएं, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, पड़ोस पार्क और खेल के मैदान उपलब्ध हैं।
  3. योजना के कार्यान्वयन के लिए राज्य व केंद्र सरकार दोनों साझेदारी से कार्य करती हैं। सरकार ने विकास की रणनीति बनाने के लिए कई विभाग स्थापित किया है।
  4. विभाग यह सुनिश्चित करेगा कि काम के लिए नियोजित संगठनों द्वारा घरों के निर्माण के लिए गुणवत्ता वाले कार्य।
  5. पिछले वर्ष में विकसित की गई भूमि के आधार पर प्रत्येक वर्ष भूमि बैंक का रखरखाव किया जाएगा।
  6. घरों की लागत में कटौती करने के लिए नई तकनीकों का उपयोग करना।
  7. आवास की आवश्यकता को पूरा करने के लिए सार्वजनिक-निजी साझेदारी (पीपीपी)।
  8. ऑनलाइन पोर्टल की सहायता से जनता की समस्याओं का निवारण।
  9. संगठन के कर्मचारियों के लिए कौशल उन्नयन के उपयोग के साथ गुणवत्ता सेवाओं का आयात करना।
  10. सिस्टम के कामकाज के लिए नवीन विचारों और अन्य पहलों को बढ़ावा देना।

अवध विहार योजना के मंदाकिनी, अलकनन्दा, भागीरथी, गंगोत्री तथा नन्दिनी एन्क्लेव में पांच प्रतिशत की छूट देने का फैसला हुआ है। वृन्दावन योजना के आकाश, अरावली, गोवर्धन व नीलगिरी एन्क्लेव में पांच प्रतिशत तथा एवरेस्ट एन्क्लेव में 10 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

आवास विकास योजना लखनऊ 2020

आम्रपाली योजना में एक व दो बेडरूम के फ्लैटों में भी 10 प्रतिशत की छूट मिलेगी। करीब पांच दिनों के भीतर योजना लांच हो जाएगी। इन्हें बेचने के लिए आवास विकास परिषद बैंकों के सहयोग से मार्च में लोन मेला भी लगाएगा। मेले में आवास विकास के भी सभी फ्लैट बिक्री के लिए उपलब्ध रहेंगे। यहां इन्हें ग्राहकों को दिखाने की भी व्यवस्था रहेगी। आवास विकास भविष्य में नोएडा व ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर अवैध निर्माण रोकेगा। जिस तरह ग्रेटर नोएडा में बिना अथारिटी की अनुमति के कोई विभाग बिल्डिंग के व्यावसायिक इस्तेमाल की अनुमति नहीं देता है उसी तरह आवास विकास भी शासन को प्रस्ताव भेजेगा और उससे अधिकार मांगेगा।

अवध विहार योजना के संपत्ति अधिकारी आरके सिंह का कहना है कि कोई व्यक्ति चाहता है कि फ्लैट खरीदने पर उसे प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ढाई लाख रुपये की छूट का फायदा मिले तो वह इसके लिए किसी भी बैंक से संपर्क कर सकता है। बैंक प्रावधानों के तहत योजना का लाभ देगी।

उत्तर प्रदेश की मुख्य योजनाएं

अवध विहार योजना और वृंदावन योजना में स्ववित्त पोषित योजना के करीब दो हजार फ्लैट कई सालों से खाली हैं। इन्हें बेचने के लिए भी आवास विकास परिषद दो महीने में पैसा जमा करने पर दो प्रतिशत की छूट देगी। खाली फ्लैटों की कीमत 30 लाख से एक करोड़ रुपये तक है। जिन मल्टीस्टोरी योजनाओं में फ्लैट खाली हैं उनमें भागीरथी, मंदाकिनी, अलकनंदा, गोमती, एवरेस्ट व कैलाश एंक्लेव हैं। उत्तर प्रदेश में आवास विकास परिषद के मकान और प्लाट महंगे होंगे। आवास विकास परिषद प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों के निर्माण पर आने वाला खर्च अन्य सामान्य श्रेणी के मकानों व प्लाटों पर लोड करने जा रहा है।

उत्तर प्रदेश आवास विकास योजना 2020

इससे मध्यम और उच्च वर्ग के मकान और प्लाट महंगे हो जाएंगे। प्रमुख सचिव आवास नितिन रमेश गोकर्ण की अध्यक्षता में बैठक में इस आशय का प्रस्ताव रखा जाएगा। बोर्ड में 8544 प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों के निर्माण का भी प्रस्ताव रखा जाएगा। पीएम आवास के तहत प्रदेश में 8544 मकान और बतादें कि आवास विकास परिषद उत्तर प्रदेश के कई शहरों में प्रधानमंत्री आवास योजना के मकान बनाने जा रहा है। लखनऊ में पहले से ही करीब साढ़े चार हजार मकानों का निर्माण हो रहा है। अब 8544 और मकानों के निर्माण की मंजूरी का प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में रखा जा रहा है। इनमें से 1344 मकान लखनऊ के कनकहा मोहनलालगंज, 1200 मझोला योजना मुरादाबाद तथा 6000 मकान मण्डोला विहार योजना गाजियाबाद में बनेंगे।

इन मकानों के निर्माण में परिषद की काफी जमीन जाएगी। सरकार जमीन का पैसा आवास विकास को नहीं दे रही है, केवल निर्माण के लिए साढ़े चार लाख रुपए दे रही है, जबकि इनके निर्माण व जमीन की कीमत पर परिषद का अरबों रुपए अतिरिक्त खर्च होगा। आवास विकास परिषद इसकी भरपायी के लिए अपनी दूसरी योजनाओं के मकानों व भूखण्डों की कीमतें बढ़ाएगा। इसके लिए बोर्ड में प्रस्ताव रखा जा रहा है। बोर्ड के निर्णय के बाद इसे लागू किया जाएगा। बोर्ड बैठक में किसानों से अर्जित जमीन के बदले उन्हें पांच प्रतिशत विकसित भूखण्ड देने का प्रस्ताव भी रखा जा रहा है। वर्ष 2002 के पूर्व निर्मित किसानों के निर्माणों के समायोजन पर भी बोर्ड में निर्णय होगा।