अंतरजातीय विवाह योजना महाराष्ट्र 2020 मराठी अनुदान फॉर्म pdf

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नमस्कार दोस्तों, आज हम आपको अंतरजातीय विवाह योजना महाराष्ट्र के बारे में बताने जा रहे है। जैसे कि आपको विदित होगा कि हमारे देश में जाति का बहुत महत्व है और इसके चलते हमारे देश में जाति को लेकर भेदभाव भी बहुत होता है। किन्तु सरकार समय-समय पर इस भेदभाव को कम करने के लिए कई योजनायें बनाती रहती है। कुछ साल पहले महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए एवं जाति भेदभाव को खत्म करने के लिए एक योजना बनाई गई थी। जिसके तहत लाभार्थी जोड़ों को 50,000 रूपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाते थे। किन्तु इस साल इंटर-कास्ट मैरिज स्कीम के तहत यह प्रोत्साहन राशि 3 लाख रूपये तक बढ़ा दी गई है।

योजनेत अनुसूचित जाती-जमाती, विमुक्त जाती व भटक्या जमाती यापैकी एक व्यक्ती आणि दुसरी व्यक्ती सवर्ण म्हणजे हिंदू, जैन, लिंगायत, शीख या धर्मातील असेल तर त्या विवाहास आंतरजातीय विवाह म्हणून संबोधण्यात येत होते. याला अनुसूचित जातीमधून बौध्द धर्मात धर्मांतर केलेल्यांना अनुसूचित जातीचा दर्जा मिळावा या हेतूने केंद्र शासनाने घटना आदेश १९५० मध्ये सुधारणा करुन अनुसूचित जातीसंबंधी घटना आदेश बौध्द धर्मियांना लागू करण्यात आल्याचे घोषित केले आहे. त्यानुसार अनुसूचित जातीची यादी हिंदू अथवा शिख अथवा बौध्द धर्मियांनाही लागू झालेली आहे. त्यानुसार बौध्द धर्मात धर्मांतर केलेल्या अनुसूचित जातीच्या व्यक्ती या योजनेखालील सवलती मिळण्यास पात्र ठरलेल्या आहेत.

अंतरजातीय विवाह योजना महाराष्ट्र 2020

हमारे देश में जाति का बहुत महत्व है और इसके चलते हमारे देश में जाति को लेकर भेदभाव भी बहुत होता है, किन्तु सरकार समय – समय यह इस भेदभाव को कम करने के लिए योजनायें बनाती रहती हैं. महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा कुछ साल पहले अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए एवं जाति भेदभाव को खत्म करने के लिए एक योजना बनाई गई थी, जिसके तहत 50,000 रूपये प्रोत्साहन राशि के रूप में दिए जाते थे. किन्तु इस साल इस योजना में यह प्रोत्साहन राशि 2.50 लाख रूपये और बढ़ा दी गई है.

कोई भी जोड़ा जो अंतरजातीय विवाह करने जा रहा है, जिसमें पति या पत्नी में से कोई एक अनुसूचित जाति (दलित) का है, उसे अब प्रोत्साहन के रूप में तीन लाख रुपये मिलेंगे। इसके अलावा, मुख्य ध्यान जाति व्यवस्था को समाप्त करना और समाज में सामाजिक समानता लाना है। केवल वे जोड़े जिन्होंने हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 या विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत अपनी शादी का पंजीकरण कराया है, वे इस योजना का लाभ ले सकेंगे। इस लेख में हम आपको अंतर जाति विवाह के लिए पात्रता, प्रोत्साहन राशि और आवेदन फार्म पीडीएफ से सम्बंधित सभी जानकारी देंगे।

maharashtra inter caste marriage

This is a 50:50 sharing basis scheme of Government of India/State Government. In order to promote communal harmony, inter-caste marriages are encouraged. Under the scheme, both the spouse should be citizen of India and one of the spouse should be a Scheduled Caste and he/she should be a permanent resident of Haryana State. An amount of Rs. 1,01,000 is provided as incentive to the married couple.

अंतरजातीय विवाह योजना महाराष्ट्र
अंतरजातीय विवाह योजना महाराष्ट्र
क्र. म.जानकारी बिंदु (Information Points)योजना की जानकारी (Information)
1.योजना का नाम (Scheme Name)Maharashtra inter caste marriage
2.योजना का लांच (Launched By)महाराष्ट्र राज्य सरकार द्वारा
3.योजना में दी जाने वाली कुल राशि (Total reward)3 लाख रूपये
4.योजना की शुरुआत (Launched Date)सन 2010

अंतरजातीय विवाह योजना की प्रोत्साहन राशि

  1. Inter-caste Marriage Scheme के अंतर्गत पात्र विवाहित दम्पति को रूपए 2.50 लाख प्रदान किया जाता है।
  2. प्रोत्साहन राशि का 1.50 लाख रूपए दम्पती के संयुक्त बैंक खाते में तुरंत RTGS/NEFT के माध्यम से आंबेडकर फाउंडेशन द्वारा ट्रान्सफर कर दिया जाता है।
  3. शेष 1 लाख रूपए विवाहित युगल के नाम से आंबेडकर फाउंडेशन में 3 वर्ष के लिए फिक्स्ड डिपाजिट कर दिया जाता है।
  4. जो कि 3 वर्ष बाद विवाहित युगल को ब्याज के साथ आंबेडकर फाउंडेशन द्वारा प्रदान किया जाता है।
  5. योजना के तहत प्रत्येक प्रदेश से प्रति वर्ष 500 दम्पति को प्रत्साहन राशि प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

महाराष्ट्र अंतरजातीय विवाह योजना मराठी

समाजातील जातिभेद व असमानतेची दरी दूर करून समाज एकसंध व्हावा, या उद्देशाने सुरू करण्यात आलेल्या आंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजनेत आता आमूलाग्र बदल करण्याचे राज्य सरकारने ठरविले आहे. भारतीय राज्यघटनेचे शिल्पकार डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर यांच्या द्वितीय पत्नी डॉ. माईसाहेब आंबेडकर यांच्या नावाने नवीन योजना सुरू करण्यात येणार आहे. त्यानुसार आंतरजातीय विवाह करणाऱ्या जोडप्यांना शासकीय नोकरीत प्राधान्य देण्याचा विचार असून तसा प्रस्ताव तयार करण्यात येत आहे, अशी माहिती सामाजिक न्यायमंत्री राजकुमार बडोले।

राज्यात १९५८ पासून आंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन योजना सुरू करण्यात आली. सुरुवातीला पती-पत्नीपैकी एक व्यक्ती अनुसूचित जाती, जमाती, विमुक्त जाती व भटक्या जमातीची आणि दुसरी व्यक्ती सवर्ण हिंदू, लिंगायत जैन व शिख यांपैकी असल्यास तो आंतरजातीय विवाह मानला जात होता. २००४ पासून त्याची व्याप्ती पुन्हा वाढविण्यात आली. अनुसू्चित जाती, जमाती, विमुक्त जाती, भटक्या जमाती यांच्यातील आंतरजातीय विवाहही प्रोत्साहन योजनेत आण्यात आले. त्यानुसार आंतरजातीय विवाह करणाऱ्या जोडप्यांना रोख १५ हजार रुपये दिले जात होते. २०१० मध्ये त्यात वाढ करून ही रक्कम ५० हजार रुपये करण्यात आली. आता या योजनेत आणखी बदल करण्यात येणार आहे.

महाराष्ट्र राज्य सरकार योजनाएं

योजना के लिए पात्रता मापदंड

इसके लिए निम्न पात्रता मापदंड में खरा उतरना आवश्यक है.

  • महाराष्ट्र स्थायी निवासी :- चूकि यह योजना महाराष्ट्र सरकार द्वारा शुरू की गई है इसलिए इसका लाभ उठाने के लिए युवक व युवती का महाराष्ट्र राज्य का निवासी होना आवश्यक है.
  • युवक व युवती की उम्र :- योजना में मिलने वाली राशि प्राप्त करने के लिए युवक और युवती की उम्र क्रमशः 21 वर्ष और 18 वर्ष से कम नहीं होना चाहिए.
  • अनुसूचित जाति या जनजाति का होना चाहिए :- इस योजना का हिस्सा बनने वाले विवाहित जोड़े में से किसी भी एक का अनूसूचित जाति या जनजाति से सम्बन्ध रखना अनिवार्य है.
  • जाति के अनुसार पात्रता :- इस योजना के तहत यदि कोई अनुसूचित जाति या जनजाति का युवक या युवती किसी पिछड़े वर्ग या सामान्य वर्ग के युवक या युवती से विवाह करता है, तो केवल वे ही इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.
  • कोर्ट मैरिज :- सरकार द्वारा मिलने वाली राशि प्राप्त करने के लिए विवाहित जोड़े का कोर्ट मैरिज करना अनिवार्य है. कोर्ट मैरिज करने वाले जोड़े को ही यह राशि दी जाएगी.

जरूरी कागजात 

  • आधार कार्ड
  • वोटर कार्ड
  • युवक-युवती की पासपोर्ट साइज फोटो
  • बैंक कॉपी

अंतरजातीय विवाह योजना महाराष्ट्र अनुदान फॉर्म pdf

योजना के लिए आवेदन आप निम्न प्रक्रिया द्वारा कर सकते हैं –

  1. यदि आप इस योजना के लिए पात्र हैं तो आपको सबसे पहले इसकी अधिकारिक वेबसाइट https://sjsa.maharashtra.gov.in/en/schemes-page?scheme_nature=All&Submit=Submit&page=10 पर विजिट करना होगा.
  2. इस वेबसाइट पर जाते ही आपको इस योजना में फॉर्म दिखाई देगा उसे खोलें. और अब आवेदन के लिए इसमें पूछी जाने वाली सभी जानकारी को सावधानी पूर्वक और सही – सही भरें.
  3. सावधानी पूर्वक फॉर्म भर जाने के बाद आप फॉर्म के साथ इसमें उपयुक्त सभी दस्तावेजों को अटेच करके अपलोड कर दीजिये और फिर सबमिट बटन पर क्लिक कर फॉर्म को सबमिट कर दीजिये.
1योजनेचे नांवअंतरजातीय विवाह योजना महाराष्ट्र
2.योजनेचा प्रकारराज्य
3.योजनेचा उद्देशअस्पृश्यता निवारण करण्याचा एक भाग म्हणून आंरजातीय विवाहास प्रोत्साहन देण्यासाठी आर्थिक योजना
4.योजना ज्या प्रवर्गासाठी लागू आहे त्याचे नांवमहाराष्ट्रातील रहिवाशी असलेल्या अनुसूचित जाती अनुसूचित जमाती, विमुक्त जाती, भटक्या जमाती व विशेष मागास प्रवर्गासाठी
5.योजनेच्या प्रमुख अटीलाभार्थी हा महाराष्ट्रातील रहिवाशी असावा
लाभार्थी /विवाहीत जोडप्या पैकी एकजण हा अनुसूचित जाती अनुसूचित जमाती, विमुक्त जाती, भटक्या जमाती व विशेष मागास प्रवर्गापैकी असावा.( जातीचा दाखला देणे आवश्यक)

लाभार्थी /विवाहीत जोडप्या विवाह नोंदणी /दाखला असावा.

विवाहीत जोडप्याचे लग्न समयी वय वराचे 21 वर्षे व वधूचे 18 वर्षे पूर्ण असावे.( वर/वधु यांचे शाळा सोडल्याचे दाखले)

दोन प्रतिष्ठित व्यक्तीचे शिफारस पत्रे

वधु /वराचे एकत्रित फोटो.

अनुसूचित जाती अनुसूचित जमाती, विमुक्त जाती, भटक्या
जमाती व्यक्ती पैकी एक व्यक्ती व दुसरी व्यक्ती सवंर्ण हिदु
लिंगायत, जैन, शिख यांच्यातील असतील तर आतरंजातीय
विवाह संबधोण्यात येतो व अनुसूचित जाती अनुसूचित जमाती,
विमुक्त जाती, भटक्या जमाती या मधील आंतर प्रवर्गातील
विवाहास आंतरजातीय विवाहास संबोधण्यात येईल.
6.दिल्या जाणाऱ्या लाभाचे स्वरुपआंतर जातीय विवाहास रु 50000/- पतीपत्नीच्या सयुक्त नांवाने धनाकर्ष.
7.अर्ज करण्याची पध्दतविहीत नमुन्यातील अर्ज जिल्हा समाज कल्याण अधिकारी जिल्हा परिषद यांचेकडून घेऊन विवाहीत जोडप्याने अर्जात नमूद कागदपत्राच्या मुळ व प्रमाणित प्रतीसह अर्ज प्रत्यक्षात सादर करावा.
8.योजनेची वर्गवारीसामाजिक सुधारणा
9.संपर्क कार्यालयाचे नांवसंबधीत जिल्हा समाज कल्याण अधिकारी जिल्हा परिषद/ मुंबई शहर व उपनगरसाठी समाज कल्याण अधिकारीबृहमुंबईचेंबूर

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